भाग्यांक 3 - bhagyank 3 in numerology

 भाग्यांक जन्म तिथि, जन्म माह तथा जन्म वर्ष का योग होता है. भाग्यांक में जन्म तिथि, जन्म माह तथा जन्म वर्ष का योग(जोड़) करना होता है और जो योग प्राप्त होता है वही भाग्यांक कहलाता है .

3 भाग्यांक का उदाहरण - जैसे किसी का जन्म 28-5 -1986 को हुआ है तो उसका भाग्यांक 28+5+1986 = 2019 = 2+1+9 = 12 = 1+2 = 3 होगा



भाग्यांक 3 का स्वभाव  | Behaviour of  Bhagyank 3















life path number 3 in hindi - भाग्यांक 3 वाले व्यक्ति बहुत निर्णायक और धार्मिक स्वभाव के होते हैं. भाग्यांक तीन वाले जातक शांत प्रकृति के होते हैं. भाग्यांक 3 वाले व्यक्ति कों का जीवन गुरू ग्रह से प्रभावित रहता है.


भाग्यांक 3 वाले अपने कार्यों के प्रति ओरि तरह से ईमानदार होते हैं. यह लोग परिस्थितियों का सामना करने में यकीन करते हैं और उनपर विजय प्राप्त करने का प्रयास करते हैं.


भाग्यांक 3 में निर्णय लेने की क्षमता होती है यदि दो व्यक्तियों में बहस या संघर्ष की स्थिति है तो भाग्यांक तीन वाले उन लोगों में सुलह कराने में सफल रहते हैं तथा न्याय-युक्त निर्णय लेने में कुशलता प्रदर्शित करते हैं.






भाग्यांक 3 वाले लोगो की बुद्धि तेज होती है. ये एक आशावादी व्यक्ति होते हैं, जीवन और जीवन के बारे में उत्साहित लगता है.


भाग्यांक 3 वाले लोग बहुत महत्वाकांक्षी होते हैं इसीलिए ऐसे लोग व्यावसायिक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर लेते है

ऐसे लोग लेखन, गायन, अभिनय या शिक्षण शामिल हो सकते हैं साथ ही कुछ और कला के कार्यों में सराहना पा सकते हैं.






भाग्यांक 3 कल्पनाशील हैं. परिपक्व तथा आशावादी होता है. जीवन के बारे में उत्साहित होता है. भाग्यांक तीन में प्रभावी संवाद क्षमता होती है जो दूसरों को प्रेरित करती है.


भाग्यांक तीन वाले अच्छे मित्र साबित होते हैं, यह एक सच्चा दोस्त होने की क्षमता रखते हैं इस प्रतिभा के माध्यम से आप दूसरों को अपना बनाने में सफलता प्राप्त करते हैं.


समाज में लोकप्रियता पाने के लिए ऐसे लोगो को बहुत ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ता. इन लोगों को जीवन की दिशा में एक बहुत ही सकारात्मक दृष्टिकोण यह मिलता है कि कठिन परिस्थितियों में भी आराम से कार्य करते हैं.



भाग्यांक 3 के लिए कमियाँ  | Negative points  of Bhagyank 3



भाग्यांक 3 वालों को अधिक बातूनी होने से बचना चाहिए. इन्हें अधिनायक होने की स्थिति से बचना चाहिए.


कभी कभी ऐसे लोगो में योग्यता के कारण इनके अंदर अभिमान या गर्व की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. जो इन्हे नुकसान पहुँचाती है






ऐसे लोग धन अर्जित करने के लिये इतना बेताब हो जाते है कि अनैतिक कार्य कर जाते है, ऐसा होना आपके लिए कष्टकारी हो सकता है.

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