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बांसुरी से ठीक करे वास्तु दोष

वास्तु शास्त्र व् फेंगशुई की शुभ वस्तुओं में बांसुरी का भी एक बड़ा महत्वपूर्ण स्थान है. वास्तु दोष में जहाँ तोड़-फोड़ की जरूरत हो लेकिन ऐसा करना मुश्किल हो वहाँ  पर बांसुरी के उपाय से भी दोष को कम किया जा सकता है. आइये जानते है बांसुरी के गुण और उपयोग के बारे में। ....









बाँसुरी का निर्माण बांस की लकड़ी से किया जाता है, जिस कारण बांसुरी में बाँस के सभी गुण जैसे किसी भी वातावरण में अपने आप को बचाये रखना, तेजी से बढ़ना आदि विद्यमान होता है. इसी कारण बांसुरी प्रगति व् स्थिरता का गुण अपने में रखती है.


वास्तु शास्त्र व् फेंगशुई (feng shui) में बांसुरी का उपयोग द्वार सम्बन्धी दोष (wrong entrance), बीम दोष (Beem defect), विधि शूल (Vidhi shoola), और किसी गलत निर्माण की अशुभता को दूर करने के लिए  किया जाता है. 



बांसुरी का उपयोग करने का सबसे कारण ये है के जब किसी भी प्रकार की ऊर्जा इसके अंदर प्रवेश करती है तो ऊर्जा की सभी नकरात्मकता सकारात्मकता में बदल जाती है. कुछ ऐसा ही विंड चिम में भी होता है. बांसुरी की तरह स्वस्तिक का भी उपयोग होता है पढ़ने के लिय  क्लिक करे वास्तु शास्त्र में स्वस्तिक



बांसुरी के उपयोग (use of flute in vastu shastra)





  • Three doors in a row  - यदि घर में तीन दरवाजे एक ही सीध में है तो मुख्यद्वार पर दो बांसुरी अंग्रेजी अक्षर V की आकृति में लगाएं व् बांसुरी का मुह नीचे की ओर हो. और दोनों बांसुरी को एक लाल रंग के धागे या रिबन में बांध ले जिससे दोनों जुड़ जाएं। 
  • beam on head while sleeping  यदि सोते वक़्त या किसी भी कार्य को करते समय कोई बीम सर पर पड़ता है तो भी उपरोक्त तरीके से बांसुरी बीम पर लगाये. 
  • mental depression - यदि मानसिक चिंता अधिक है तो अपने सरहाने के नीचे एक बांसुरी रखे 
  • gain spirituality  - यदि आप आध्यात्मिक उन्नति की कामना रखते है तो अपने पूजा स्थल के द्वार पर एक बांसुरी लगाएं लाभ मिलेगा।।।


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