लाल किताब में मंगल ग्रह का महत्व - lal kitab me mangal grah ka mahtav


ज्योतिष शास्त्र में मंगल को सेनापति माना गया है. साहस, जोश, ऊर्जा, 
चोरी, मंगल कार्य, धोखा, भाई, आदि बातें मंगल की जन्म कुंडली में स्थिति देख कर ही मालूम होती है. आइये जानते मंगल ग्रह के सम्बन्ध में और भी बाते 











lal kitab ka mangal 

lal kitab me mangal शुभ स्थिति में सेनापति बनता है और अशुभ स्थिति में आने पर बदमाश व् लूटेरा बना देता है. 


किसी वयक्ति का अंदर और बाहर से एक जैसा दिखना मंगल अच्छे की निशानी है. मंगल मेष, वृश्चिक, सिंह, धनु राशि अच्छा माना जाता है. मकर राशि में मंगल उच्च होता है. मिथुन व् कन्या राशि में मंगल अशुभ होता है.  


lal kitab me neech mangal - मंगल के नीच अवस्था में आने की कुछ निशानियाँ लाल किताब में बताई गयी है. जैसे बच्चे पैदा होकर मर जाना, आँख कानी हो जाए, शक्ति के बावज़ूद संतान न होना आदि. 






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