लाल किताब के अनुसार छठा घर - sixth house as per lal kitab

   

 लाल किताब छठे घर को पाताल का घर कहती है.इसी कारण उपाय करते समय छठे घर में बैठे अशुभ ग्रहों की कारक चीज़ें ज़मीन में दबाई जाती है.भाग्य के संबंध में ये घर हमारे भाग्य के उत्तार को दिखाता है. यहाँ बैठे ग्रह का संबंध किस्मत की चमक -दमक से नहीं रहता है. हमारे भाग्य से जन्म स्थिति के अनुसार हमारे जीवन में आने वाली गिरावट का मापदंड यह घर है। बुध का पक्का घर होने से इस घर को व्यवसाय से संबंधित माना गया है। आइये जानते है छठे घर से सम्बंधित जानकारियाँ










lal kitab ke anusar chatha ghar


       हमारे शरीर के अंगों में से खाने की चीज़ो को पचाने की शक्ति यानी पाचनेंद्रियोँ का संबंध इस घर से है। कमर और पुट्ठों का संबंध इस घर से है। हमारे शरीर की नाड़ियो से भी यह घर जुड़ा हुआ होता है। आयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर में स्थित गर्मी या सर्दी की मात्रा का संबंध भी इसी घर से है यह हमारी बुद्धि का घर भी है इस घर का संबंध हमारी दूरदर्शिता से भी है

        छठे घर से हमारे रिश्तेदारो की आर्थिक स्थिति का पता चलता है। हमारे रिश्तेदारों का हमारे साथ बर्ताव , हमारे साथ सहयोग कैसा होगा, वे हमारे काम आएंगे या हमारा नुक्सान करेंगे, हमारे मरने के बाद हमारे रिश्तेदारों या परिवार की हालत क्या होगी।  इन बातों की जानकारी इसी घर से प्राप्त होगी।
       

जानवरों के संबंध में कुत्ता और बकरी का संबंध इस घर से है। इस घर में बुध हो तो बकरी ,तोता -मैना पालना शुभ होगा।


         यह घर गृहस्थी का मंदिर है। अपना गृहस्थ जीवन चलाते हुए भी हम अपने जीवन में साधुपन निभा सकते है। दूसरों के साथ धर्मात्मा जैसा व्यवहार जो हम करते है उसका इशारा भी यह घर करता है। हमारे गृहस्थ में परिवार जनो के बारे में भी यह घर संकेत देता है। यह घर हमारे लड़के-लड़कियों के रिश्तेदारों से भी संबंधित है। इस घर में शुभ ग्रह होने पर लड़के या लड़की के ससुराल से मधुर संबंध होंगे।


        इस घर का संबंध हमारे नाना या भांजे के मकान से भी होता है। इस घर में शुभ ग्रह होने पर निःसंदेह हमारे नाना और भांजे का घर बहुत अच्छा और सुन्दर होगा।


         ढलती उम्र का कारक भी यह घर है। जीवन में दैविक सहायता किस हद तक हमे प्राप्त होगी इसका संकेत भी यही घर देता है। इस घर का कारक और मालिक ग्रह बुध है। इस घर में बैठे सूर्य ,मंगल ,बृहस्पति और शनि राशिफल के होंगे तो बुध और केतु ग्रहफल के।

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