लाल किताब में तीसरा घर - Third house In lal kitab

तीसरा घर - lal kitab me tisra ghar




लाल किताब के अनुसार तीसरे घर का कारक गृह मंगल है। हमारी प्राचीन ज्योतिष की सभी पध्दतियों के अनुसार भी मंगल ही तीसरे घर का कारक है. । घर से हम व्यक्ति की जिम्मेवारी जान सकते है। व्यक्ति में कितनी शूरता या बहादुरी है, इसका अंदाजा भी इसी घर से होता है। यहाँ व्यक्ति की बहादुरी का मतलब है की वह दुसरे लोगो की कहाँ तक मदद कर सकता है और दुसरे लोगो के बर्ताव में वह अपनी बहादुरी कहाँ तक प्रकट करता है। और भी बाते जानते है तीसरे खाने के बारे में.













तीसरे घर का संबंध हमारे घर में रखे आराम के साधनो से भी है। यहाँ शुभ गृह होने से घरमें आराम के साधन बहुतायत में होंगे। तीसरा घर हमारी शारीरिक जाग्रत अवस्था का घर है। यानी हमें किसी काम के विषेय में कितना उत्साह-स्फूर्ति है या उदासीनता है, इसका अंदाजा इसी घर से लगता है। यही घर नज़र का असर यानी हमारी दृष्टि में किस प्रकार की शक्ति है, इस बात का भी कारक है। इससे नज़र लगने का मतलब नहीं है। इसका अर्थ केवल इतना ही है की व्यक्ति की नज़रों की शक्ति कितनी प्रभावी है। यही घर चोरी और बीमारी का भी है। कुछ हद तक दूसरों के साथ हमारी शत्रुता का भी संबंध इस घर से है। 



यह घर हमारे भाग्य के उतार- चढ़ाव को भी दर्शाता है। किस्मत के दायरे में हम किस हद तक आगे बढ़ सकते हैं, नीचे गिर सकते है या किस्मत के दायरें में सिमटे रह जाते हैं, यह बात इस घर से स्पष्ट होती है। दिशा के अनुसार यह घर दक्षिण दिशा का कारक हैं। इस घर का संबंध हमारे घर में रखें पिस्तौल, तलवार आदि हथियारों से भी है। यदि यहाँ बहुत ही शुभ गृह हो तो घर में बिना तेज़ धार या टूटे हुए हथियारों का रखना अशुभ फलदायी होगा। जन्मकुंडली का तीसरा घर उसके रिश्तेदार या मित्र, धन या आरती दशा के अनुसार किस योग्यता के होंगे - यह बात भी स्पष्ट करता है। यहाँ कोई शुभ गृह हो, मंगल यहाँ अच्छी हालत में हो तो उनके भाइयों की आर्थिक स्थिति उत्तम होगी। 



astrology में तीसरा घर व्यक्ति की माया के बहार जाने का रास्ता है। वैसे बारवां हमारे खर्चे का है लेकिन तीसरा घर भी अशुभ हो तो आर्थिक नुक्सान का संबंध इस तीसरे घर से रहता है। इसलिए इस घर को चोरी होने का घर भी कहा जाता है। तीसरे घर से हमे भाई-बहन आदि की स्थिति का भी ज्ञान होता है। 


इसके अलावा साले- बहनोई के बारे में भी इस घर से बहुत कुछ जाना जा सकता है। राहु साले का कारक है। तीसरे घर में राहु हो तो साले से हमारे संबंध अच्छे रहेंगे और उससे किसी न किसी रूप  में लाभ भी होगा। 


तीसरा घर मैदाने जंग और लेन- देन का घर भी है। हमारे जीवन में लड़ाई-झगडे की हालत क्या होगी, यह इस घर से जाना जाता है। हमारा दूसरों के साथ जो आर्थिक लेन-देन होगा उसके शुभ-अशुभ परिणामो का पता भी इस घर से लगेगा।


third house in lal kitab का संबंध मृत्युपूर्व हालात से भी है। वैसे मौत का घर आठवां है, लेकिन तीसरा घर मौत की हालात को बताता है और मृत्यु से पहले के समय को उजागर करता है, इसलिए third house  का संबंध मौत से जुड़ा हुआ है। फलदार वृक्षों का कारक भी यह घर है। यहाँ शुभ गृह होने पर घर में फलदार वृक्षों का होना अच्छा फलदायी होगा। किन्तु यह घर अशुभ होने पर घर में फलदार वृक्ष अशुभ फलदायी होगा।


हमारे शरीर के अंगो में से हमारे बाज़ुओं का कारक यह तीसरा घर ही है। हमारी शक्ति का प्रतीक और दूसरों के साथ लड़ाई में काम आने वाला अंग बाज़ू है। इसके अलावा आँख की पलकों, जिगर तथा शरीर में खून की मात्र और खून के दोषों का पता तीसरा घर देता है। हमारी उम्र के लिहाज़ से इस घर का संबंध हमारी युवा अवस्था से है। यदि यहाँ शुभ गृह हो तो हम अपनी जवानी में काफी तरक्की कर सकते है। यहाँ अशुभ गृह हो तो जवानी में हमे हमारी मेहनत का पूर्ण फल नहीं मिलेगा। 


तीसरे घर में शनि ग्रहफल का होगा लेकिन दौलत के संबंध में वह राशिफल का होगा।













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