दक्षिण-पश्चिम दिशा में मंदिर - mandir in south-west corner



घर के दक्षिण-पश्चिम कोण में मंदिर होना एक वास्तु दोष माना जाता है.आइये जाने है इस दोष का क्या क्या असर देखने को मिलता है. 







vastu tips for worship room in south-west


कभी कभी हम देखते है के शादी के लायक वयक्ति का शादी - ब्याह से मोह (no interest in marriage vastu) उठ गया है. उसकी शादी करने में कोई रूचि नही है, लेकिन क्या आप जानते है इसमें वास्तु दोष भी एक कारण हो सकता है. 



 किसी वयक्ति को भगवान में विश्वास व् आस्था होना अच्छी बात है. लेकिन इसका मतलब ये नही है भगवान में ही लीन हो जाओ. वास्तु के अनुसार यदि किसी घर में मंदिर दक्षिण-पश्चिम में बना हुआ है तो इस प्रकार की परेशानियां आ जाती है. ऐसे घरो में वयक्ति शादी से घृणा करने लगता है (aversion of marriage)



दक्षिण-पश्चिम वास्तु कोण हमारी relationship के लिए जिम्मेदार होता है. यहाँ मंदिर होने पर ऐसा देखा जाता है वयक्ति भगवान में ज्यादा रूचि लेने लगता है साथ हर काम को भगवान की इच्छा मानकर कर्म प्रधान नही रहता जो की एक गलत सोच है. 


इसका सबसे अच्छा उपाय यही बनता है के मंदिर को कहीं और शिफ्ट किया जाये. 



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