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वास्तु के अनुसार कोई प्रॉपर्टी या प्लॉट लेने से पहले जरूरी बाते

आज बात करते है के यदि आप कोई प्लाट या प्रॉपर्टी लेने का मन बना रहे है तो किस तरह का प्लाट अच्छा रहता है. वास्तु शास्त्र में कोई प्लाट लेने से पहले कुछ छोटे छोटे points पर विचार करना अच्छा रहता है. क्यूंकि यदि आपका प्लाट वास्तु शास्त्र के नियमों से परे है  तो एक अच्छी वास्तु अनुसार कंस्ट्रक्शन भी बहुत अच्छा प्रभाव नही देगी। और एक अच्छे प्लाट पर एक वास्तु दोष पूर्ण रूप से bad effects नही देगा. आइये जानते है कोई plot or property लेने से पहले देखने वाली मुख्य बाते













plot vastu tips - auspicious or inauspicious plots...




मुख (face of property) - दिशा के हिसाब से प्रॉपर्टी कोई भी दिशा की तरफ face वाली हो सकती है लेकिन प्रॉपर्टी के सामने क्या है  ये ध्यान देना चाहिए। 


shape of plot 

शेप - shape - प्रॉपर्टी की शेप देखनी जरूरी होती है generally आयताकार और वर्गाकार प्रॉपर्टी अच्छी रहती है. पांच कोण या छ कोण या इसके अलावा कोई भाग कटा या बड़ा हो ऐसी प्रॉपर्टी देख कर ही लेनी अच्छी रहती है.



size of plot

साइज- size  - साइज बहुत matter करता है. जैसे प्रॉपर्टी का मुह छोटा हो और चौड़ाई बड़ी हो या vice versa. 



slope of plot

स्लोप - slope - ढलान देखना बहुत जरूरी है ढलान कभी भी पश्चिम या दक्षिण की तरफ नही होना चाहिए। 



soil of plot

soil - हालाँकि किसी प्रॉपर्टी की मिटटी कैसी है इसकी जांच करना आज के टाइम में नामुमकिन सा ही लगता है, लेकिन अगर पॉसिबल है तो ये बहुत जरूरी जांच होती है. 



bigger directions

भेदी - यदि प्रॉपर्टी में पूर्व व् पश्चिम दिशा ज्यादा है उत्तर व् दक्षिण  मुकाबले तो ये प्लाट सूर्यभेदी (suryabhedi) माना जाएगा और यदि उत्तर व् दक्षिण दिशा बड़ी है तो चन्द्रभेदी (chandrabhedi) प्लाट माना जाएगा। चन्द्रभेदी प्लाट अच्छे फल देता है. 


inclined or declined

inclination - इसके बाद आपको use करना है अपना compass, बिलकुल बीच में खड़े होकर देखें के 0 डिग्री point कहाँ जा रहा है यदि ये उत्तरी दीवार के mid point से आगे की तरफ जा रहा है तो इसे Inclined प्लाट बोलते है और यदि पीछे की तरफ है तो declined प्लाट बोलते है. inclined अच्छा रहता है. 



diagonal and double diagonal plot vastu 

इसके अलावा यदि आपका 0 डिग्री किसी कोने में आ रहा है तो इसे diagonal plot बोला जाता है ये एक वास्तु विद के लिए भी आसान प्लाट नही होता है. साथ ही कभी कभी एक ही दीवार पर दो दिशा भी आती है जिसे double diagonal plot बोलते है ये दोनों प्लाट अति शुभ या अति दुःख प्रभाव देते है. निचे दिए चित्र से समझे 


diagonal plot example 

double diagonal plot 


इन जांच के बाद किसी प्रॉपर्टी के बनावट का वास्तु देखा जाता है जिसमे entrance, बैडरूम, toilet  आदि की स्थिति देखि जाती है. 







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