पांचवे भाव में सूर्य का फल - sun in fifth house in lal kitab astrology

lal kitab mai surya pachve ghar mai


पांचवें घर में सूर्य होने पर जातक पढ़ाई में तेज़, गुस्से वाला होता है. ऐसे लोगों का बुढ़ापा सुखी रहता है. सत्ता से इनके संबंध अच्छे होते है. बृहस्पति की दृष्टि पड़ने पर मान सम्मान मिलता है. गुरु दसवें घर में होने पर एक से अधिक विवाह होते है.



शनि तीसरे घर में हो तो नीच फल मिलता है जातक दुखी रहता है. ऐसे लोगो को बंदरों को चन्ने खिलाने चाहिए. ऐसे लोगों को कभी किसी की बुराई नहीं करनी चाहिए.



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