क्या होता है जन्म कुंडली में दूसरे भाव - what is second house in kundli

क्या होता है जन्म कुंडली में दूसरे भाव - what is second house in kundli


जन्म कुण्डली के दूसरे भाव को द्वितीय भाव भी कहते है. जन्म कुंडली में यह भाव और इसका स्वामी बहुत महत्व रखते है. द्वितीय भाव को धनभाव, कुटुम्ब स्थान  से भी जाना जाता है. इससे किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति कैसी रहेगी पता चलता है. 







what second house show in astrology in hindi 



kya kya dekha jata hai dusre bhav se - दूसरे  भाव से धन-संपति, वाणी, परिवार, विचार,  संचित सम्पति, नाक, शिक्षा, दाईं आखं, स्वयं के द्वारा कमाया पैसा , मुख , दूसरी शादी , अध्यापक,  जमापूंजी, धन से जुडे मामलें आदि बातें देखि जाती है. 


karak of second house

dusre bhav ka karak grah गुरु होता है. इस भाव से कुटुंब और ऐसा देख जाता  है. इस भाव में राहु - केतु अशुभ होते है. 



body parts related to second house in hindi


दूसरे खाने से जातक के  चेहरा, मुंह , आंखे, जीभ, दान्त देखे जाते  है.  इस भाव शरीर के दाएं भाग को भी देखा जाता है. 








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