दक्षिण दिशा के 8 दरवाज़े और उनके प्रभाव - south facing house entrances



वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा के 8 तरह के प्रवेश द्वार बताए गए है. हर प्रवेश द्वार का अलग प्रभाव होता है. दक्षिण मुखी  घरवालों के लिए ये प्रवेश द्वारों  बहुत जरूरी होती है, आइये जानते है अलग अलग south facing entrances के effects 













dakshin disha अगर compass से देखें तो 135 डिग्री से 225 डिग्री तक होती है, इसे यदि हम 8 बराबर भागों में काटें तो हमे 8 हिस्से मिल जाएंगे. अब जानते है इन प्रवेश द्वारों प्रभाव 



southeast से शुरू करते हुए 

वाहु - अनिल - संतान पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

पूषा - मिला जुला असर मिलता है. गुस्सा ज्यादा हो सकता है. नौकरी करने वालों के लिए अच्छा।

वितथ - बहुत ज्यादा फायदेमंद, पैसा और सुख दोनों देता है. 

बृहत् - ग्रहक्षत - बड़ा कारोबार करने वालो के लिए अच्छा। 

यम - कर्ज़ा ही रहेगा। 

गंधर्व - गरीबी देता है. 

भृंगराज - बेजार, ऐसी entrance से बचना चाहिए। 

मृग - धन भी जाएगा और रिलेशनशिप्स भी बिगड़ेंगी।  


एक vastu consultant से सलाह लेकर इन entrances के प्रभावों को कम या ज्यादा किया जा सकता है. 











पश्चिम दिशा के मुख्य गेट के प्रभाव - effects of main entrances from west direction



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