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वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह का महत्व - venus in astrology in hindi



वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह का महत्व - venus in astrology in hindi


शुक्र ग्रह दूसरा ग्रह है जो सूर्य के सबसे नज़दीक होता है और धरती के सबसे पास का ग्रह होता है. आज चर्चा करते है ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह की. क्या है इसके अंग, अंश और कार्य आइये जानते है. 










venus (shukra grah) planet in astrology 


astronomical introduction of venus - astronomy science के अनुसार शुक्र ग्रह सूर्य से कभी भी 48 डिग्री दूर नही जाता हालाँकि ये बात ज्योतिष शास्त्र में हजारों साल पहले ही बता दी थी. venus ग्रह का एक दिन धरती के 11 दिन के बराबर होता है. इसे sunrise से 5 घण्टे पहले और sunset के 5 घण्टे बाद देखा जा सकता है (48 डिग्री सूर्य से दुरी के अनुसार). 




shukra in astrology 


jyotish में शुक्र ग्रह स्त्री, राजसिक और जल तत्व से जुड़ा माना गया है, दिशाओ के अनुसार इस दक्षिण-पूर्व (southeast) का मालिक माना गया है. इसे विनम्रता, कोमलता, तमीज, love, devotion, शांति, आराधना का प्रतीक माना गया है. एक main point ये भी है के ये diplomacy (कूटनीति) में भी जरूरी ग्रह माना गया है. 



ये अच्छी अच्छी dresses, fashion और भाई चारे में विश्वास रखता है. अच्छे शुक्र वाले लोग दूसरों को खुश करना जानते है. कामवासना venus ही है. intimacy, सांझेदारी के लिए शुक्र जरूरी है. 


शुक्र एक स्वार्थ रहित प्यार है. अच्छे शुक्र वाला जातक बिना किसी लालच के प्यार करता है, luxury इसी ग्रह से जोड़ कर देखी जाती है. 


अब दूसरे मुद्दे पर आता हूँ - negative side of venus...... वेश्यावृति, 

कौटुम्बिक व्यभिचार (incest), homosexuality भी शुक्र की ही देन है. इस तरफ भी शुक्र ग्रह ही धकेलता है.


शुक्र हमारी skin, मांस और erogenous part पर effect डालता है.



rashi - zodiac sign

शुक्र वृषभ और तुला राशि के मालिक है. मीन राशि में शुक्र उच्च का होता है 27 degree में मीन राशि (pisces sign) शुक्र बेहद अच्छे फल देता है.


metal - धातु = चांदी

gemstone = हीरा

taste = खट्टा





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