शनि गुरु में समानता

शनि और गुरु ग्रह में फर्क करना आसान नहीं, केला ख़सख़स स्वाद का होता है शनि के गुण भी विद्यमान है, शनि का वर्ण काला है, काले में किसी का रंग नहीं चढ़ता गुरु की भी यही पहचान है.


 तत्वानुसार  गुरुतत्व का स्वाद कड़वा होता है क्यूंकि वो सच्चा होता है लेकिन स्वाद शनि को कड़वा मिला. पश्चिम दिशा शनि देव जी की है पश्चिम दिशा वास्तु अनुसार अवचेतन मन और ज्ञान प्राप्ति की है और ब्राह्मण के लिए शुभ है. गुरु ग्रह को ईशान में स्थान मिला, अपना दिमाग भी लगाएं नकली धर्मगुरु बहुत है. सभी आडम्बरों से मुक्त करना गुरु कर्तव्य है जिसकी पतरी में गुरु अच्छा वो आडम्बर में नहीं फंसता लेकिन यथार्थ में अच्छे शनि वाले ही नहीं फंसते. 

Comments

services

Popular posts from this blog

नाम अक्षर से अपनी राशि जानिए- Know your Rashi by name

अंक शास्त्र की सहायता से पाएं खोई हुई चीज़ें

कैसे और क्यों उपयोग करते है घोड़े की नाल - black horse shoe benefits in hindi

Hinduism