पुष्य नक्षत्र - बृहस्पति का जन्म नक्षत्र




कुछ ज्योतिष ग्रंथों में बृहस्पति ग्रह के पैदा होने का उल्लेख मिलता है, तैत्तरीये ब्राह्मण नामक ग्रंथ में इस पुष्य नक्षत्र में या पुष्य तारे के पास पैदा हुआ माना जाता है. 


परम शर अगर देखें तो बृहस्पति का 1 डिग्री 30 मिन है.  सबसे पास जो युति बनती है वो पुष्य, मघा, विशाखा, अनुराधा, शतभिषा व् रेवती नक्षत्र से होती है. 


देखने वाली बात ये है के जब पुष्य नक्षत्र से जब बृहस्पति की युति होती  ये इतने निकट होते है दोनों एक ही प्रतीत होते है, और जैसे ही बृहस्पति थोड़ा आगे की ओर चलते है तो ऐसा दिखता है जैसे पुष्य से बृहस्पति उत्पन्न हो रहे हो, तभी से पुष्य को बृहस्पति का जन्म नक्षत्र माना जाता है. 



लेकिन इस में देखने वाली बात ये भी है के हमारे ऋषि मुनियों ने हज़ारों साल पहले इस कह दिया मतलब  उन्हें आकाश और  खगोल पिंडो का बारीक़  निरिक्षण करना आता था वो भी सही तरीके से. 

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