उलझन की स्थिति

उलझन की स्थिति में भटकाव आता है भटकाव गलत चुनाव का कारक है. अभी एक सज्ज्न से मिलना हुआ, बड़े वाले वास्तु कंसलटेंट थे उन्होंने बोला के ज्योतिष सीखने का मन है, मैंने पूछा क्यों - बोले के मेरा मंगल खराब है मेरे को दक्षिण का रिजल्ट नहीं मिल रहा, घर पर उठा के ले गए, वहाँ देखा तो एक लाल लट्टू लगा रखा था, बोले देखो उपाय भी किया है मैंने उनकी आँखों पर हाथ रखा और एक वैदिक मन्त्र काम में डाला और पूछा अब बताओ यहाँ कौन सा तत्व है.


 बोले सुन्न सा हो रहा है अवकाश जैसा साथ ही एक आद बात और बताई अब उन्हें अपने नोट्स मे उन्ही के द्वारा बोली हुई बातो का तत्व बताया (आकाश), स्थूल, सूक्ष्म और सूक्ष्मतर तत्व जानना ही वास्तु है, अब मंगल जी की आवश्यकता नहीं पड़ी क्यूंकि उनको फील करने का तरीका बता दिया, एक विद्या अपने आप में पूर्ण होती है, आपका ये ग्रह खराब है तो आपकी इस दिशा का रिजल्ट नहीं आएगा ये अपने आप उलझन - भटकाव देना है फिर तो ज्योतिष ही सीख लो, ज्योतिषी वास्तु सीखने में बिजी है.

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