खिलौने के खेल




अभी ८-१० दिन पहले का ही केस था. 

मेरी एक क्लाइंट का सुबह सुबह व्हाट्सप्प मैसेज आया हुआ था के मेरी बहु को स्कैन के लिए जाना बेबी के लिए डॉक्टर ने थोड़ा डर सा डाल दिया है आप कोई टिप दीजिये। अपने ४० साल पुराने पंडित जी से भी पहले आप से ही पूछ रही हूँ क्यूंकि डराओगे नहीं ये मैं जानती हूँ. 




मेरा हमेशा से यही मानना है के प्रकृति पत्रिका से बड़ी होती है, उसे बोला फलाने दिन खिलौने घर लेके आना, आपका काम हो जाएगा. 


उनका काम हो भी गया, बहु का सब नार्मल ही आया बहुत खुश क्लाइंट बहुत सारी thnku भेजी फीस के पैसे भी पूछे लेकिन मूड हमेशा की अपने में ही था so लेना उचित नहीं समझा. 


 लेकिन आज कॉल आया के सर मेने सिर्फ अपनी सारी नेगेटिविटी हटाने के लिए आपको कॉल किया था जो आपने एक मिनट में हटा दी क्यूंकि मुझे पता था के आप उपाय जरूर बताओगे, जिस दिन खिलोने वाले के गई उसने दूकान खोल कर मेरे को एक छोटा सा बच्चे का खिलौना अपने आप दे दिया और बोला के यही आया है नया. 



ये सब एक  वैचारिक कश्मकश होती है और यही कश्मकश को सकारात्मकता में बदल देना हमारा काम होता है, ये कोई rocket science नहीं लेकिन हाँ प्रकृति से जुड़ाव के बिना ये पॉसिबल भी नहीं क्यूंकि उसने ही उपाय सुझाया। 


मन के हारे हार है मन के जीते जीत 



अपनी कुंडली या वास्तु से संबंधित किसी भी समस्या के लिए आप कॉल कर सकते है (paid service) @9899002983

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